नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- शारदीय नवरात्रि के पावन दिनों में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। हर दिन देवी के एक अलग रूप की पूजा का विधान है। दूसरा दिन माता ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है। माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से साधक को तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति होती है। कल नवरात्रि का दूसरा दिन है। दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा की जाती है। यह रूप साधना, तपस्या और आत्मबल का प्रतीक है। पुराणों के अनुसार, पार्वतीजी ने शिवजी को पति रूप में पाने के लिए घोर तप किया था। उसी तपस्या की स्मृति में ब्रह्मचारिणी की उपासना होती है। इस दिन साधक के भीतर धैर्य और ऊर्जा का संचार होता है।पूजन विधि- सूर्योदय के बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल पर आसन पर बैठकर संकल्प लें। मां की प...
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