गोंडा, फरवरी 6 -- करनैलगंज, संवाददाता । क्षेत्र के सकरौरा ग्रामीण मजरे छतईपुरवा में प्रदीप ओझा के यहां चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में गुरुवार की रात कथा वाचक पंडित पप्पू शास्त्री ने नवधा भक्ति का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति के वास्तविक स्वरूप से परिचित कराया। पंडित पप्पू शास्त्री ने नवधा भक्ति के चौपाइयों का वर्णन करते हुए कहा कि प्रथम भगति संतन कर संगा, दूसरि रति मम कथा प्रसंगा। उन्होंने समझाया कि पहली भक्ति संतों का संग है और दूसरी प्रभु कथा में प्रेम। तीसरी गुरु चरणों की सेवा, चौथी कपट त्यागकर प्रभु गुणों का गान, पाँचवीं दृढ़ विश्वास के साथ मंत्र जाप, छठी शील-संयम और सत्कर्म, सातवीं सबमें प्रभु को देखना, आठवीं संतोष और परदोष न देखना तथा नवमी सरलता और पूर्ण समर्पण है। कथावाचक ने कहा कि जब मनुष्य इन नौ गुणों को अपने...