शामली, फरवरी 13 -- आठ दिन तक जिंदगी और मौत के जूझते हुए नवजात बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने आखिरकार मुकदमा दर्ज कर ही लिया। हिन्दुस्तान समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस हरकत में आयी और बच्ची को मौत के मुंह में फेंकने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सवाल यह है ममता का गला घोकर क्रूरता की हदें लांघने वाले कब सलाखों के पीछे होंगे। गत चार फरवरी की शाम मलकपुर गांव के एक ग्रामीण को कूड़े के ढेर में बोरे में हलचल दिखी। पास गया और बोरा खोला तो उसमें से बच्ची मिली। उसकी सांसे चल रही थी। गले पर कपड़े की करतन लिपटी थी। गले पर कपड़े की कतरन का निशान पड़ा था। इससे साफ था कि बच्ची को फेंकने से पहले गला घोटेकर मारने का प्रयास किया गया और उसे मरा हुआ ही समझकर बोरे में बंद कर फेंका गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना...
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