शामली, अगस्त 4 -- प्राचीन भगवान जगन्नाथ, मंदिर बाला जी धाम मे नर्मदा नदी के गर्भ से अवतरित शिव पिन्डी की स्थापना के लिये धार्मिक विधी विधान से पूजा अर्चना के साथ वेदी स्थापना के साथ जलाधिवास कराया गया। इस अवसर पर सिद्ध पीठ शाकुम्बरी देवी से आये पड़ित राहुल शास्त्री ने माँ नर्मदा नदी से गर्भ से अवतरित शिव पिन्डी के महत्व व विषय मे बताते हुये कहा श्रावण में शिवजी का पूजन करते हुए बिचार करें। शिव होने का अर्थ है, एक ऐसा जीवन जो मैं और मेरे से ऊपर जिया गया हो। जहाँ जीवन तो है मगर जीवन के प्रति आसक्ति नहीं और जहाँ रिश्ते तो हैं मगर किसी के भी प्रति राग और द्वेष नहीं। जिस जीवन में संघर्ष नहीं होगा उस जीवन में सुख - समृद्धि एवं शांति रुपी मधुर फलों की प्राप्ति भी नहीं हो सकती। संघर्ष वो वृक्ष है जिसकी जड़ें कड़वी जरूर होती हैं मगर उसके फल बड़े ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.