सहारनपुर, दिसम्बर 6 -- जैन आचार्य 108 श्री नयन सागर जी महाराज का शनिवार शाम को नानौता में मंगल प्रवेश हुआ। जैन समाज के लोग उनका स्वागत कर बड़े उत्साहित नज़र आए। नगर के मुख्य बाजार स्थित त्यागी भवन पहुंचकर अपने मंगल प्रवचनों में नयन सागर जी महाराज ने कहा कि जीवों पर दया करना, इंद्रियों को वश में करना, सत्य बोलना, चोरी न करना, ब्रह्मचर्य का पालन करना, संतोष धारण करना, सम्यक्‌ दर्शन, ज्ञान और तप- ये सब शील के परिवार हैं। मंदिर या वातावरण बदलने से पहले स्वयं को बदलना चाहिए। क्योंकि आत्मिक गुण अपरिवर्तनीय होते हैं। यदि आप रोजाना मंदिर जाते हैं, पूजा पाठ करते हैं लेकिन वापिस घर पहुंचकर अहंकार नहीं छोड़ रहे तो आपका मंदिर जाना व्यर्थ है। इस दौरान चिंतामणि जैन, अनिल जैन, जिनेन्द्र प्रसाद जैन, रोबिन जैन, अजय जैन, सरोज जैन, यश जैन, स्नेह जैन, शुभ जै...