लखीमपुरखीरी, अक्टूबर 12 -- खीरी जिले से निकली सरायन नदी करीब 92 किलोमीटर दूरी तय करती है। इस नदी का अस्तित्व मिटने की कगार पर है। नदी को पुराने अस्तित्व में लाने के लिए इसको नमामि गंगे योजना में शामिल किया गया है। मनरेगा से नदी के जीर्णोद्वार की पहल शुरू की गई है। खीरी जिले के बांकेगंज ब्लॉक के बिसोखर गांव के पास से निकली यह नदी सीतापुर होते हुए गोमती नदी में मिलती है। इसको गोमती की सहायक नदी भी कहा जाता है। उपायुक्त मनरेगा अमित परिहार ने बताया कि सरायन नदी का जीर्णोद्धार जल्द शुरू होने जा रहा है। इसको पुराने स्वरूप में लाने को मनरेगा से काम कराया जाएगा। नदी के दोनो तरफ करीब पांच-पांच सौमीटर के दायरे में आने वाले तालाबों व झीलों को नदी से जोड़ा जाएगा। बताते चलें कि 92 किलोमीटर लम्बी इस नदी पर कई जगह अतिक्रमण हो गया है। डीसी मनरेगा ने बताय...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.