धनबाद, फरवरी 22 -- धनबाद, मुख्य संवाददाता डिनोबिली स्कूल सीएमआरआई की प्राचार्य तनुश्री बनर्जी ने प्लस टू की पढ़ाई के लिए काफी संख्या में छात्रों के नन अटेंडिंग यानी नॉनफार्मल एजुकेशन (गैर-औपचारिक शिक्षा) विकल्प चुनने पर चिंता जताई है। वर्तमान में अधिक से अधिक छात्र बिना स्कूल आए कोचिंग के माध्यम से पढ़ाई करना चाहते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि वे सोचते हैं कि इस तरह वे अपने जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकते हैं। शुक्रवार को अभिभावकों व छात्र-छात्राओं के नाम जारी पत्र में प्राचार्य ने कहा कि यह चिंता वाली बात है। अधिक से अधिक छात्र अपने प्लस टू पाठ्यक्रम में नन अटेंडिंग शिक्षा का विकल्प चुनने की प्रवृत्ति दिखा रहे हैं। मैं आप सभी को इस प्रणाली की कमियों के बारे में सचेत करना चाहती हूं। प्राचार्य ने कहा कि बि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.