मोतिहारी, फरवरी 21 -- सिकरहना, निसं। रमजान का पाक महीना शुरू हो चुका है। युवा से लेकर बुजुर्ग व वृद्ध तक रोजा रह रहे हैं। लेकिन इसको लेकर नन्हें रोजेदारों में भी उत्साह कम नहीं है। पांच, छह साल के बच्चे भी रोजा रह रहे हैं। पांच साल की माहिरा रानी इस बार पहली बार रोजा रख रही है। सेहरी में सेवई दूध खायी है। वहीं सात साल की सनाया पिछले साल से ही रोजा रह रही है। भले ही वह तीसों दिन रोजा नहीं रहती है, लेकिन रोजा को लेकर उत्साह कम नहीं है। वहीं दस साल के अरमान भी पिछले साल से ही रोजा रख रहे हैं। इस बार भी वह रोजा रखे हुआ है। अरमान का कहना है कि रोजा गुनाहों से माफी मांगने का जरिया है। यह अल्लाह की खुशी और अपार सवाब हासिल करने का भी माध्यम है। वहीं नन्हा अबु बकर सिद्दिकी भी रोजा रख रहे है। अबु बकर के पिता अबरार आलम का कहना है कि भूख प्यास का एहस...
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