दरभंगा, अक्टूबर 31 -- नदी में गाद एक जटिल और गंभीर समस्या बन गई है। इसका प्रभाव न केवल दरभंगा जिले बल्कि पूरे सूबे पर पड़ता है। विशेषज्ञों व पर्यावरणविदों का मानना है कि तटबंध निर्माण के बाद गाद की समस्या बढ़ी है। स्वतंत्र नदियां अपने वेग से ही सिल्ट को एक जगह जमा होने से रोकती थी और उपधाराओं के माध्यम से गाद किसानों के खेत तक पहुंचता था। यह सिलसिला विभिन्न बांध निर्माण से बंद हो गया और तलहटी में गाद जमने सेे नदियों का जलस्तर बढ़ने और तटबंध टूटने से बाढ़ की समस्या उत्पन्न होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कोसी में प्रतिवर्ष औसतन 9248 हेक्टेयर गाद आता है। वहीं कमला नदी में 605 हेक्टेयर और बागमती में 451हेक्टेयर गाद हरेक साल आता है। इसके प्रबंधन की नीति बनें तो कई समस्याओं का अंत होगा और किसानों की समृद्ध होगे। दरभंगा को नदियों का नैहर कहा जाता...
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