बांका, अप्रैल 14 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। जिले के चांदन प्रखंड अंतर्गत धनुबसार पंचायत के उत्तरी सीमा पर बसा असनातरी गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहा है। जब सूरज की पहली किरणें असनातरी गांव के चारों ओर खड़े पहाड़ों से छनकर ज़मीन पर गिरती हैं, तो गांव के लोग एक नई सुबह की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देखते हैं। मगर हर दिन वही हकीकत सामने आती है, टूटी उम्मीदें, अधूरे वादे और विकास से कोसों दूर एक और संघर्ष भरा दिन। लगभग 40 परिवारों और 500 लोगों की आबादी वाला यह गांव एक प्राकृतिक खूबसूरती के बीच फंसी त्रासदी की तरह है। ऐसा लगता है जैसे यह गांव समय के किसी भूले-बिसरे कोने में फंसा हुआ है, जहां आज़ादी के 77 साल बाद भी विकास महज एक सपना है। गांव की भौगोलिक स्थिति ही इसकी सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। असनातरी गांव दो दिशाओं से नदिय...
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