अनामिका, जुलाई 3 -- बिहार के मुजफ्फरपुर में एक ऐसा भी स्कूल है, जहां बच्चे नहीं आते। स्कूल में शिक्षक रोज सुबह 9 बजे से शाम 3 बजे तक बैठकर चले जाते हैं। शिक्षकों की पीड़ा है कि बिना बच्चों को पढ़ाए हम वेतन ले रहे हैं। ऐसे में जहां बच्चे हैं, वहां पढ़ाने की इजाजत दी जाए। औराई के प्राथमिक विद्यालय चैनपुर राघोपुर के शिक्षकों ने विभाग से यह गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से बच्चों का आना बंद है। पहले 5-10 बच्चे आ भी रहे थे, मगर अब कोई नहीं आता। दरअसल, नौनिहालों की पढ़ाई की राह बागमती नदी ने रोक दी है। स्कूल के पास की आबादी बागमती बांध से विस्थापित हो चुकी है। स्कूल तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। इसके लिए नाव ही सहारा है। यह नाव सरकारी नहीं, बल्कि ग्रामीणों द्वारा बनाई गई छोटी नाव है। अभिभावकों का कहना है कि जहां स्कूल...
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