सीतामढ़ी, सितम्बर 15 -- पिपराही। बागमती नदी में इस साल अभी तक बाढ नही आयी है। लेकिन जलस्तर में वृद्धि तथा कमी होने के साथ ही नदी के दोनों किनारों पर कटाव होने लगा है। कटाव से रोपे गये धान की फसल सहित अन्य पेंङ पौधे नदी की धारा में विलीन होते जा रहा है। बागमती नदी के बेलवा घाट से लेकर डुब्बा घाट तक दोनों बागमती तटबंध के अंदर नदी किनारों पर कटाव हो रहा है। धान के रोपे पौधे के अलावा, केला, बांस, शीशम व सेमल के पौधे कटाव से नदी की धारा में विलीन होते जा रहे है। खासकर इन्द्रवा, पिपराही, रतनपुर, उकनी, मझौरा, देकुली धरमपुर गांव तथा डुब्बा घाट के नदी किनारों पर कटाव हो रहा है। कटाव से नदी की धारा की चौङाई दिनोदिन बढती जा रही है। प्राय: हर वर्ष नदी के जलस्तर में वृद्धि व कमी होने के बाद नदी के किनारे कटाव का सिलसिला शुरू हो जाता है। इसबाद भी यही स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.