सहरसा, जनवरी 7 -- सहरसा, हिन्दुस्तान टीम। नदियों पफ संकट से जीव जंतु, मछली, पर्यावरण और स्वास्थ्य सब खतरे में है। नदियों के अविरल बहाव में गाद संकट पैदा कर रहे हैं। पानी में फेंके जा रहे कचरे और मछली मारने के लिए जहर का उपयोग जलीय जीवों के साथ लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार कहते हैं क्षेत्र में कम बारिश होने के कारण भी नदियों का जलस्तर नीचे हो रहा है जिसके कारण फसल पटवन सहित अन्य समस्या उत्पन्न हो रही है। नदियों पर जहां संकट गहराने लगा है, वहीं पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड रहा है। पर्यावरणविद भगवानजी पाठक का कहना है सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के अलावा लोगों में चेतना लानी होगी। उन्हें यह जानना होगा कि नदी के बिना पर्यावरण व जीवन की परिकल्पना संभव नहीं है। छोटी नदी विलुप्त...