मुजफ्फरपुर, जनवरी 7 -- मुजफ्फरपुर, अजय कुमार पांडेय। कलकल बहती नदियों के कारण कई बेहतरीन मछलियों और आम-लीची की कई किस्मों के लिए मुजफ्फरपुर जिला प्रसिद्ध था। लेकिन, बदलते समय के साथ वर्षाजल की कमी से नदियों पर संकट और जलाशयों के मृत होते जाने के कारण कई जलीय जंतु और पौधे अपना अस्तित्व खो चुके हैं या फिर समाप्ति के कगार पर हैं। इनमें गंडक में पाई जानेवाली एक दर्जन तो बूढ़ी गंडक की डेढ़ दर्जन मछलियों की प्रजातियां पूरी तरह से समाप्त हो चुकी हैं। वहीं, भूजल स्तर नीचे जाने से लीची के बगानों की संख्या के साथ ही क्षेत्रफल भी सिकुड़ता जा रहा है। राजेन्द्र केंद्रीय कृषि विवि, पूसा के मत्स्य विभाग ने अपने शोध मे पाया कि बूढ़ी गंडक का पानी प्रदूषित होने से इसमें पाई जानेवाली कई महत्वपूर्ण मछलियों की प्रजातियां खत्म हो चुकी हैं। वहीं, कछुआ, सीप और अ...
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