पूर्णिया, जनवरी 5 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जीवनदायिनी नदियों की उप धारा के सूखने और सिकुड़ने से सीमांचल और पूर्णिया प्रमंडल में गर्मी के मौसम आने के पहले आंशिक जल संकट का रूप लेता जा रहा है। मौसम के बदलते मिजाज और मानवीय अतिक्रमण के कारण जिले की कई छोटी नदियों की धारें और जलस्रोत या तो सूख गए हैं, या फिर अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। यह स्थिति न केवल कृषि के लिए, बल्कि आम जनजीवन और पर्यावरण के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गई है। पूर्णिया के धमदाहा अनुमंडल जैसे क्षेत्रों में जहां कभी कोसी नदी की उपधाराएं बहती थीं, अब कारी कोसी, लिबरी नदी, कसमरा धार और ऐतिहासिक बरुणा नदी जैसी जलधाराएं भी लगभग सूख चुकी हैं। कोसी नदी की उपधाराओं में टीकापट्टी गांव से गुजरने वाली और कोसकीपुर गांव में बहने वाली धारा सूख गई है। बड़े पैमाने पर नदियों मे...
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