सीतामढ़ी, जनवरी 7 -- सीतामढ़ी। जिले में नदियों पर मंडराता संकट अब केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं रह गया है। बल्कि यह सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने लगा है। जिले की प्रमुख नदियां लखनदेई, बागमती, अधवारा समूह की सहायक नदियां लगातार सिकुड़ रही हैं। अविरल बहाव रुकने से नदी तंत्र कमजोर हुआ है। इसका व्यापक दुष्प्रभाव दिखने लगा है। जलीय जंतुओं पर गहरा असर : नदियों में जलस्तर घटने और प्रदूषण बढ़ने से जलीय जंतुओं का जीवन संकट में है। पहले जहां कछुआ, घोंघा, मेंढक और विभिन्न प्रकार की छोटी-बड़ी मछलियां सहज रूप से देखी जाती थीं। अब वे दुर्लभ हो गई हैं। पानी के तापमान में वृद्धि और ऑक्सीजन की कमी के कारण जलीय जीवों की प्रजनन क्षमता प्रभावित हुई है। कई प्रजातियां स्थानीय स्तर पर विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी हैं।...
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