नई दिल्ली, नवम्बर 4 -- शशिधर खान,वरिष्ठ पत्रकार वयोवृद्ध नगा नेता टी मुइवा अचानक मणिपुर के उखरूल जिला स्थित अपने गांव सोमडेल पहुंचकर फिर से नगा मसले की याद ताजा कर गए। यह बात नगालैंड और मणिपुर के लोग भूल चुके थे। मुइवा नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम (एनएससीएन) इसाक-मुइवा गुट के सुप्रीमो हैं और स्वयंभू भूमिगत नगालिम सरकार के प्रधानमंत्री भी हैं। इस गुट की केंद्र सरकार से 28 वर्षों से बेनतीजा वार्ता चल रही है, जिसके रास्ते का एकमात्र रोड़ा टी (थुइन्गालेंग) मुइवा का अड़ियल रवैया रहा है कि केंद्र सरकार उनके 'स्वतंत्र संप्रभु नगालिम, अलग झंडा और संविधान' को मान्यता दे। भारत से हिंसक लड़ाई के लिए 1970-71 में मुइवा ने अपना गांव छोड़ा और 55 वर्षों बाद वैसे समय में आकर अपने पैतृक घर-समाज के लोगों को भड़का गए, जब हालात सामान्य हैं। 1997 में एनएससीएन (...
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