पटना, मई 3 -- टेंडर मैनेज घोटाले में जल संसाधन विभाग के साथ ही नगर विकास एवं आवास विभाग और भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिकारियों को भी रिश्वत मिली थी। यह रिश्वत ठेकों में मध्यस्थता निभाने वाले ठेकेदार रिशु श्री के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दी गई। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) में दर्ज नये केस (05/2025) में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच रिपोर्ट के आधार पर इसका खुलासा किया गया है। दर्ज एफआईआर के मुताबिक रिशु श्री के ठिकानों पर ईडी की हुई छापेमारी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिसके आधार पर विभिन्न विभागों के कई अधिकारियों को टेंडर मैनेज करने के एवज में रिश्वत दिए जाने का दावा किया गया है। उसके पास मिले दस्तावेजों में यह राशि प्रतिशत के रूप में अंकित है। ईडी ने उदाहरण के तौर पर नगर विकास विभाग से जुड़ी 33 नालों की जैविक सफाई...
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