दरभंगा, फरवरी 13 -- न तो सप्लाई पाइपलाइन बिछाई गई है और न ही सबमर्सिबल के माध्यम से जलापूर्ति की कोई ठोस व्यवस्था है। गरीब परिवारों के लिए मोहल्ले में चापाकल तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लोगों को पानी के लिए निजी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। जेपी सिंह, केएम सिंह, राहुल गामी और राजीव चौधरी सहित कई स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने बताया कि यह क्षेत्र शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है, बावजूद इसके यहां की स्थिति बदतर है। उनका कहना है कि नगर निगम केवल कागजों पर विकास का दावा करता है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सड़कें जर्जर हैं, गलियां संकरी और टूटी हुई हैं, नालियां जाम हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बड़ी संख्या में डॉक्टरों के क्लिनिक होने के कारण यहां स्वस्थ और अस्वस्थ दो...