मिर्जापुर, जनवरी 7 -- मिर्जापुर। जाड़े की रात में यात्रियों, बेसहरा लोग अस्थायी रैनबसेरों में रजाई-गद्दा और अलाव के सहारे लोग रात गुजार रहे हैं। इनमें भोजन का इंतजाम नहीं हैं। नगर के एकमात्र रोडवेज परिसर और विंध्याचल के बरतर के अलावा घंटाघर, विंध्याचल के रेहड़ा चुंगी के रैनबसेरे में रात में अगल-बगल के लोग ही रात गुजारते हैं। घंटाघर एरिया में यात्री या किसी अन्य का आवागमन नहीं होने से सब्जी मंडी के ठेलिया वाले या अन्य लोग ही रुकते हैं। यहां महिलाओं के लिए घंटाघर के बरामदे को प्लास्टिक के मोटे पन्नी से घेरकर आमने-सामने बना महिला-पुरुष रैन बसेरा बनाया गया है। यह अलग है कि नगर पालिका की ओर से रोडवेज परिसर में बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे में लगभग 23 बेड हैं। बेड पर गद्दा, रजाई, बेडशीट के इंतजाम किए गए हैं। एक रिजर्व में बेड रखा गया है। अचानक किस...