गिरडीह, जनवरी 24 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। सारंडा में मारे गए ईनामी नक्सली का एक दिन बाद भी शव पीरटांड़ नहीं पहुंचा है। पारसनाथ से ऊपजा आतंक एक करोड़ का इनामी नक्सली पतिराम मांझी उर्फ अनल का सारंडा में अंत हो गया है। पारसनाथ इलाके के कई नक्सली जेल की सलाखों में कैद हैं। पारसनाथ में पुलिसिया दबाव में कुछ नक्सली आत्मसमर्पण का राह अपनाई तो कुछ आज भी भूमिगत हैं। बताया जाता है कि पारसनाथ के घनघोर जंगल व भौगोलिक बनावट हमेशा से नक्सलियों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। दो दशक पहले पारसनाथ का इलाका नक्सली संगठन के लिए न केवल उपजाऊ साबित था बल्कि नक्सलियों का नैहर भी माना जाता था। इस क्षेत्र के कई इनामी नक्सली संगठन में अपनी गहरी पैठ जमा रखा है। दो दशक पहले संगठन की विचारधारा से प्रेरित होकर कई लोगों ने हथियार उठाया था। पारसनाथ इलाके में नक्सल...