नई दिल्ली, जून 24 -- राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI ) द्वारा शुरू की जा रही नई यूपीआई चार्जबैक व्यवस्था ऐसे ग्राहकों को भी राहत देगी, जिनके रिफंड दावे पहले खारिज कर दिए गए थे। नए नियमों में बैंकों को यह छूट दी गई है कि वे पुराने खारिज किए गए मामलों की फिर से जांच कर सकें। एनपीसीआई ने दिसंबर 2023 में पाया था कि कुछ लोग बार-बार चार्जबैक कर रहे हैं और प्रणाली का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसलिए इसकी सीमा तय कर दी गई थी। अगर किसी ग्राहक ने महीने में 10 से ज्यादा बार या किसी एक व्यक्ति के साथ पांच से ज्यादा बार चार्जबैक किया हो तो उसका अगला रिफंड दावा खारिज कर दिया जाता था, लेकिन अब यह भी माना गया है कि कुछ वास्तविक दावे भी इन नियमों की वजह से रुक रहे हैं। इसी को देखते हुए यह नई व्यवस्था लाई गई है। यह भी पढ़ें- UPI से पेमेंट करते हैं? तो जानिए ये 5 जरू...
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