नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- केंद्र सरकार की ओर से नई श्रम शक्ति नीति में श्रमिकों के लिए कई नए प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। इसके तहत अब स्विगी, जोमैटो, ओला, उबर, अमेजन जैसे ऑनलाइन मंचों के लिए काम करने वाले औपचारिक या अस्थायी श्रमिकों (गिग वर्करों) को मान्यता मिलेगी। इसका मतलब है कि उन्हें भी अब सामाजिक सुरक्षा, बीमा और पेंशन योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए राज्य सरकारों को ऐसे श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन अभियान चलाना होगा। इससे डिजिटल मंचों के जरिए सेवाएं प्रदान करने वाले गिग वर्करों को भी सामाजिक सुरक्षा का पूरा लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा अब सभी श्रमिकों और कंपनियों से जुड़ा डाटा श्रम पोर्टल पोर्टल रहेगा। यह सिस्टम बताएगा कि किस क्षेत्र में कितने लोग काम कर रहे हैं, किसे बीमा या पेंशन का लाभ मिला और कहां सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ। शिका...
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