नई दिल्ली, दिसम्बर 3 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को औद्योगिक संबंध संहिता 2020 (नई श्रमिक संहिता) पर अधिसूचना को चुनौती देने वाली एक याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। इस याचिका में इसे लागू करने के लिए संबंधित नियम बनाए बिना या कोई ट्रिब्यूनल बनाए बिना अधिसूचना जारी करने को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय एवं न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से कहा कि वे अधिकारियों से निर्देश लें और कानून के अनुसार सुधार के कदम उठाएं। पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि पहली नजर में केंद्र सरकार ने नई श्रमिक संहिता को आसानी से लागू करने की अनुमति देने वाले प्रावधानों के बारे में नहीं सोचा है। नतीजतन आज तक श्रमिक विवाद अनसुलझे हैं, जो 21 नवंबर को या उससे पहले उठ सकते थे। याचिका में कहा गया कि ...
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