गाजीपुर, दिसम्बर 9 -- खानपुर, हिन्दुस्तान संवाद। आधुनिक तकनीक से कृत्रिम गर्भाधान कराने पर गाय, भैंस से 90 प्रतिशत तक बछिया जन्म लेंगी। इससे न सिर्फ दूध उत्पादन तीन गुना तक बढ़ेगा, बल्कि खेत-खलिहानों में नुकसान पहुंचाने वाले छोटे पशुओं की संख्या भी नियंत्रित होगी। देश में छुट्टा पशुओं की बढ़ती समस्या और दुग्ध उत्पादन में कमी को देखते हुए भारत सरकार के पशु प्रजनन और अनुवांशिकी विभाग सेक्स्ड शार्टेड सीमन तकनीक को बढ़ावा दे रहा है। विभाग के वैज्ञानिकों ने वर्षों के शोध के बाद विकसित इस तकनीक में एक्स और वाई शुक्राणुओं को अलग कर मादा उत्पत्ति वाले एक्स शुक्राणुओं का उपयोग किया जाता है। इससे नर बछड़े जिनकी उपयोगिता वर्तमान समय में लगभग समाप्त हो चुकी है, उनके जन्म की संभावना केवल 10 फीसदी रह जाती है। सैदपुर स्थित राजकीय उप चिकित्सक अधिकारी डॉ....