नई दिल्ली, जनवरी 10 -- 'वेनेजुएला मेरी हुकूमत में है और जल्द हम ग्रीनलैंड पर कब्जा करेंगे। अमेरिका के लिए यह जरूरी है।' यह 16वीं शताब्दी के किसी तानाशाह की शेखी नहीं, बल्कि खुद को लोकतंत्र का मदीना बताने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। वह कनाडा को भी अमेरिका का 51वां राज्य बताते हैं, तो क्या वह वहां भी फौजी दस्ते भेजेंगे? क्या यह इतना आसान है? इन सवालों के जवाब पिछले हफ्ते की कुछ घटनाओं में छिपे हैं। पहले अन्य देशों की प्रतिक्रिया पर गौर फरमा देखिए। वेनेजुएला पर हमले के तत्काल बाद बीजिंग ने कई अमेरिकी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिए और उसके बैंकों ने डॉलर की जगह युआन में तिजारत करने की पेशकश बढ़ा दी। जिनपिंग की हुकूमत ने चेतावनी के अंदाज में हालात न सुधरने पर अमेरिकी कंपनियों पर बंदिशें बढ़ाने की मंशा बुलंद की, नतीजतन चीन ...
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