उरई, जनवरी 23 -- जालौन। औरैया रोड स्थित सतीशचंद्र मिश्रा के आवास पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धकथा व्यास अनिल त्रिपाठी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के प्रसंग का वर्णन किया। इस दौरान भक्तों 'नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की' के जयकारे लगाए। कथा के पांचवें दिन व्यास अनिल त्रिपाठी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अधर्म, अन्याय और अत्याचार के विनाश तथा धर्म की स्थापना के लिए हुआ। जब पृथ्वी पर पाप बढ़ गया और साधु-संतों पर अत्याचार होने लगे, तब भगवान विष्णु ने देवकी के गर्भ से कृष्ण रूप में अवतार लिया। कारागार में जन्म लेकर भगवान ने यह संदेश दिया कि ईश्वर किसी भी परिस्थिति में भक्तों की रक्षा करते हैं। कथा व्यास ने कंस के अत्याचारों, देवकी और वासुदेव की पीड़ा और कारागार में हुए अलौकिक घटनाक्रम वर्णन कर कह...