बांदा, जनवरी 11 -- बांदा, संवाददाता। शहर के स्वराज कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन कथावाचक ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। श्रीमद्भागवत पुराण के दसवें स्कंध के तीसरे अध्याय में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का जन्म, वासुदेव-देवकी के कारागार से बाहर निकलना और योगमाया के जन्म जैसी घटनाओं का वर्णन किया। श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कथावाचक महाराज ने बताया कि कंस के कारागार में वासुदेव- देवकी के भादों मास की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। उनका लालन-पालन नंदबाबा के घर में हुआ था। इसलिए नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का वध करके पृथ्वी को अत्याचार से मुक्त किया और अपने माता-पिता को क...