बाराबंकी, नवम्बर 13 -- रामनगर। त्रिवेणी दत्त मिश्र के यहां चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस में श्रद्धालुओं ने अध्यात्म और भक्ति रस में डूबकर कथा का श्रवण किया। आचार्य अखिलेश जी महाराज ने इस दिवस की कथा में गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार, सूर्यवंश वर्णन तथा भगवान श्रीकृष्ण जन्म और नंद महोत्सव के पावन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। महाराज ने बताया कि गजेंद्र मोक्ष कथा में भगवान विष्णु ने भक्त हाथी गजेंद्र को ग्राह के संकट से मुक्त कर यह सिद्ध किया कि जब भक्त संकट में ईश्वर को पुकारता है तो वे तुरंत उसकी रक्षा करते हैं। वामन चरित्र प्रसंग में भगवान के पांचवें अवतार की कथा सुनाई। जिसमें वामन देव ने तीन पग भूमि मांगकर असुरराज बलि का अभिमान हर लिया और दान की मर्यादा को स्थापित किया। इसके बाद सूर्यवंश वर्णन में आचार्य ने भगवान श्रीराम के कुल क...