बागेश्वर, अगस्त 30 -- बदियाकोट में शनिवार को नंदाकुंड से 198 किमी की पैदल यात्रा करने के बाद जल यात्री नंदाकुंड का पवित्र जल और ब्रह्मकमल लेकर लौट आए हैं। यहां पहुंचकर जलयात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान देव डांगरों ने अवतरित होकर लोगों का आशीर्वाद दिया। महिलाओं और पुरुषों ने झोड़ा, चांचरी का गायन किया। बदियाकोट के भवगती मंदिर में दानपुर की संस्कृति उतरके आई है। मालूम हो कि यात्रियों के लिए रात्रि विश्राम के लिए पहले से ही पड़ाव तय हैं। उन्हीं पड़ावों में वह रात्रि विश्राम करेंगे। दल में पुष्कर सिंह दानू मां भगवती के धामी, बलवंत दानू बारह बदकोटी धामी, धर्मेन्द्र दानू भूमियाल धामी, राजेंद्र दानू, विरंग दानू धामी, हीरा सिंह दानू गोलू धामी, हरीश दानू महाकाली धामी, खिलाप सिंह दानू कुंड वाण देवता धामी, धन सिंह दानू, दीवान दानू देवता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.