दरभंगा, दिसम्बर 7 -- दरभंगा। मिथिलांचल ईएनटी एसोसिएशन की ओर से दरभंगा मेडिकल कॉलेज में आयोजित बिहार-झारखंड वार्षिक कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन शनिवार को साइंटिफिक सेशन में विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर विस्तार में चर्चा की। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण लोगों की परेशानी का कारण बनता जा रहा है। इससे कई लोगों के कान के पर्दे तक फट जा रहे हैं। डीजे की कानफाड़ू आवाज और वाहनों के तेज हॉर्न इसका मुख्य कारण बन रहे हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आम लोगों को होने वाली परेशानी और उसके बेहतर इलाज के लिए एक-दूसरे से अपने अनुभवों को साझा किया। चिकित्सकों ने कहा कि कान के अंदर अगर खुजली होती है तो कभी भी माचिस की तीली से कान साफ करने का प्रयास नहीं करें। कान में तेल डालने से भी परहेज करें। ऐसा करने से कान के पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है। खुजली हो...