वाराणसी, फरवरी 16 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। गायन-वादन से नाद ब्रह्म की आराधना के सालाना उत्सव ध्रुपद मेला की पांचवीं और अंतिम निशा में देश-विदेश में ख्याति रखने वाले संगीत साधकों ने उपस्थिति दर्ज कराई। महाशिवरात्रि की महानिशा में दस कलाकार तुलसीघाट के ध्रुपद तीर्थ की रसधार में खुद तो डूबे ही, श्रोताओं को भी डुबोया। मेले की पांच निशाओं में 70 से अधिक कलाकारों ने प्रस्तुतियों से आनंदित किया। पंचम निशा में गाने-बजाने का क्रम कोलकाता के अंबरीष भट्टाचार्य ने आरंभ किया। उन्होंने संध्याकालीन राग बागेश्री की अवतारणा की। 'आए रघुवीर धीर' के गायन के दौरान उनके भाव, विभोर करने वाले रहे। अंत में चौताल निबद्ध बंदिश से गायन को विराम दिया। पखावज पर धवल मिस्त्री, तानपूरा पर प्रिया निषाद और अनुजा यादव ने साथ दिया। दूसरी प्रस्तुति काशी के आशुतोष भट्टाचार...