वाराणसी, जनवरी 31 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। ध्यान केवल व्यक्तिगत साधना नहीं। सामाजिक और राजनीतिक चेतना का भी आधार है। राजनीति को अपराधमुक्त करने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जागरूकता और समझदारी ही सबसे बड़ी शक्ति है। चर्चित लेखक रविप्रकाश गुप्त ने ये बातें शुक्रवार को बनारस लिट् फेस्ट के मंच चार पर आयोजित बौद्धिक सत्र में अपनी पुस्तक 'ध्यान: राजनीति की आधारशिला' के लोकार्पण और चर्चा सत्र में कहीं। लेखक रवि प्रकाश गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ध्यान को लेकर समाज में एक बड़ी भ्रांति है। आमतौर पर इसे केवल साधना या एकांतवास तक सीमित समझा जाता है। ध्यान का असली अर्थ है जहां हम हैं, वहीं जागरूकता और समझदारी के साथ कर्म करना। उन्होंने कहा कि राजनीति से लोग दूरी बनाते हैं, परंतु उनकी पुस्तक इसी सोच को तोड़ने का प्रयास है। राजनीति का अर्थ केवल ...
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