शामली, फरवरी 23 -- माहे रमजान के पांचवे दिन मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ रही। रोजेदारों ने खुदा की इबादत कर खुदा से देश की तरक्की की दुआऐं मांगी। साथ ही देश में भाईचारा कायम करने की दुआ की गई। माहे रमजान के पांचवे रोजे के दिन शहर के सलेह विहार मस्जिद में बोले में मोलाना साजिद कासमी ने कहा कि इस्लाम ने निकाह के लिए पाकीज़गी और अच्छे चरित्र को सबसे अहम बताया है। निकाह के लिए ऐसी औरत का चुनाव किया जाना चाहिए, जिसका चाल-चलन अच्छा हो। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति निकाह का इरादा करे तो उसे लड़की के परिवार की इजाज़त और रज़ामंदी के साथ ही यह कदम उठाना चाहिए। इस्लाम में रिश्तों की बुनियाद भरोसे और सम्मान पर रखी गई है। बयान में यह भी कहा गया कि अल्लाह तआला ने मोमिनों को नाजायज़ तरीकों से एक-दूसरे का माल हड़पने से सख्ती से रोका है। मुसलमानों को आपसी रज़ा...
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