लखनऊ, नवम्बर 18 -- सीओपीडी दिवस पर केजीएमयू के विशेषज्ञों ने साझा की जानकारी लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। धूम्रपान से फेफड़ों की गंभीर बीमारी क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। करीब 40 प्रतिशत मरीजों को धूम्रपान की वजह से सीओपीडी हो रहा है। कंडे, उपलों से होने वाला वायु प्रदूषण भी सीओपीडी को बढ़ाता है। जबकि सीओपीडी के लगभग एक-तिहाई मामले गैर-धूम्रपान करने वालों में होते हैं, जो अक्सर व्यावसायिक जोखिम जैसे वायु प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय कारणों से जुड़े होते हैं। यह जानकारी केजीएमयू पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने कही। वह मंगलवार को सीओपीडी दिवस पर डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि सीओपीडी फेफड़ों की लगातार बढ़ने वाली बीमारी है। जिससे मरीज को सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसमें क...
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