प्रयागराज, जनवरी 10 -- प्रयागराज। पांच दूसरी पंचकोसी परिक्रमा का समापन शुक्रवार को भारद्वाज मुनि के जलाभिषेक के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान संतों में धार्मिक पर्यटन स्थलों को विकसित कराने का संकल्प दोहराया। यात्रा के आखिरी दिन शुरुआत संगम पूजन के साथ हुई। इसके बाद संत संगम से कलश में गंगाजल भरकर भारद्वाज मनी आश्रम पहुंचे। जहां पर भारद्धाज मुनि की प्रतिमा पर जलाभिषेक किया गया इसके बाद पीछे सभी मंदिरों में दर्शन किया गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री वी जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरी गिरी ने कहा कि पंचकोसी परिक्रमा प्रयागराज की प्राचीन परिक्रमा है। इस धार्मिक यात्रा को शुरू करने का मूल उद्देश्य जिले के धार्मिक पर्यटन स्थलों का विकास करना है। पिछले कुछ सालों में तमाम जगह कम हुए हैं। लेकिन अभी कुछ स्थलों का विकास करना जरूरी है। इसके सा...