धनबाद, दिसम्बर 15 -- धनबाद, वरीय संवाददाता सरायढेला स्थित स्टीलगेट दुर्गा एवं शिव मंदिर प्रांगण में चल रही सात दिवसीय भव्य धार्मिक अनुष्ठान हर के आंगन में हरि कथा के द्वितीय दिवस पर भक्ति की अविरल धारा बही। रविवार को वृंदावन से पधारे कथा व्यास ललितवल्लभ नागार्च ने व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान नागार्च जी ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति के धार्मिक ग्रंथ कोई सामान्य पोथी या महज किताब नहीं हैं, बल्कि ये साक्षात भगवान का वांग्मय स्वरूप हैं। इनका दर्शन और श्रवण जीवन को पावन करता है। उन्होंने जीवन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य को यह शरीर केवल भोग के लिए नहीं, बल्कि सेवा और परोपकार के लिए मिला है। सेवा ही ईश्वर प्राप्ति का मार्ग है। राधा रानी के भजनों पर झूमे भक्त कथा के दौरान जैसे ही व...