चित्रकूट, फरवरी 7 -- मानिकपुर, संवाददाता।सीमा से सटे एमपी क्षेत्र में घनघोर जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच तप, साधना के बाद धारकुंडी आश्रम की स्थापना करने वाले स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज शनिवार की दोपहर ब्रह्मलीन हो गए। उन्होंने 102 वर्ष की आयु में जसलोक हास्पिटल मुंबई में दोपहर 12 बजे शरीर छोंडा और परमधाम चले गए। सच्चिदानंद महाराज ने धारकुंडी स्थित विंध्य श्रंखलाओं के बीच बह रही जलधारा के किनारे गुफा में कई दशक तक तप, साधना कर सिद्धि हासिल की। उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद के आशीर्वाद से यहीं पर 22 नवंबर 1956 को आश्रम स्थापित किया। पिछले एक जनवरी को उनका आश्रम में 101 वां जन्मोत्सव कार्यक्रम भव्य तरीके से मनाया गया था। वह पिछले वर्ष ही मार्च माह में कई साल बाद धारकुंडी आश्रम आए थे। दो-तीन दिन रुकने के बाद फिर बदला...