गंगापार, नवम्बर 3 -- हवा और बरसात के चलते धान के खेतों में पानी भर जाने और फसल जमींदोज हो जाने से धान अंकुरित होने के साथ ही पुआल तक न बचा पाने के कारण किसानों में भारी चिंता व्याप्त है। अनवरत बरसात के चलते खेतों , खलिहानों में धान की फसल के साथ ही चावल के साथ ही मवेशियों के लिए पुआल का भी इस बार संकट होगा। बरसात बंद होने के बाद पानी भरे खेतों और खलिहानों में भीगे धान सड़कर नष्ट होने के साथ ही पुआल भी बच पाने की उम्मीद काफी कम हो गयी है। पिछले कुछ दिनों तक हुई बेमौसम बरसात से धान के खेतों और खलिहानों में पानी भर जाने के कारण किसानों की सारी मेहनत पानी में डूब गयी है। बरसात बंद होने के बाद भी धान के तमाम खेतों में अभी तक पानी भरा रहने से किसानों में काफी चिंता व्याप्त है। क्षेत्र के मझिगवां गाँव के किसान श्रीकांत कुशवाहा, लालचंद, पुष्पराज...
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