सीवान, जनवरी 21 -- गौरतलब है कि जिले में अब तक 50 प्रतिशत से अधिक धान की खरीदारी पूरी हो चुकी है। चावल आपूर्ति में तेजी आने से शेष धान की खरीद में भी तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, चावल की आपूर्ति होने पर समितियों को समय पर राशि का भुगतान हो सकेगा। इससे उन्हें बैंक की सीसी लिमिट पर ब्याज का अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। बता दें कि धान खरीद के समय किसानों को राशि भुगतान करने के लिए सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा सीसी लिमिट ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस ऋण की राशि चावल गिरने के बाद एसएफसी द्वारा उसी खाते में भुगतान की जाती है। इससे ऋण की राशि वसूल होती है। साथ ही समय से भुगतान होने पर ब्याज का बोझ समितियों पर नहीं पड़ता है। 17 संग्रहण केंद्र और 14 मिलें पंजीकृत जिले में कुल 14 पैक्स राइस मिलें पंजीकृत हैं, जिनमें सात उसना और सात अरवा मिल शा...