गढ़वा, दिसम्बर 12 -- प्रखंड के किसान इस वर्ष दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर समय पर यूरिया खाद की किल्लत और बाद में झुलसा रोग के प्रकोप ने फसल को भारी नुकसान पहुंचा दिया। किसानों ने बताया कि अच्छी उत्पादन की बात तो दूर वह किसी तरह अपनी फसल को बचा पाए। खराब मौसम, खाद की कमी और रोग ने उनकी मेहनत को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। उधर, प्रखंड क्षेत्र में अब तक धान क्रय केंद्र नहीं खुलने से स्थिति और गंभीर हो गई है। सरकारी खरीद न होने के कारण किसान अपनी बची-खुची उपज भी बिचौलियों को औने-पौने दाम पर बेचने को विवश हैं। किसानों का कहना है कि बिचौलिए उनसे मात्र Rs.1500-1600 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रहे हैं जो सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से काफी कम है। उससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं। फसल बेचकर सम...