सीतामढ़ी, नवम्बर 16 -- पिपराही। विगत दिनो आई बाढ से प्रभावित धान की फसल की दौनी करने के लिए थ्रेसर वाले तैयार नही हो रहे हैं। बाढ के पानी में तीन से चार दिनों तक धान की फसले डूबी रही। जिससे धान की फसलों पर मिट्टी की परत चढ गई। धान की बाली के कीचड में सन जाने से दाना मटमैला रंग का हो गया है। वहीं बाली में दाना नही है। इन्ही कारणों से थ्रेसर वाले धान फसल की दौनी नही कर रहे हैं।अधिकांश थ्रेसर वाले 18 टीन धान निकालने पर 1 टीन लेता है। किन्तु धान की फसल में मिट्टी आ जाने तथा खंखरा हो जाने से थ्रेसर वाले 1200 रूपये प्रति घंटा पर दौनी कर रहे हैं। दोनो बागमती तटबंध के अंदर स्थित मिट्टी लगे धान की फसल की दौनी कराना भी मुश्किल काम हो गया है। मिट्टी लगे धान की दौनी होने पर धूल उङने लगता है। धूल भरा पुआल भी मवेशी के खाने लायक नही है। किसान राजु कुमार...
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