औरैया, अक्टूबर 27 -- त्योहारों की रौनक के बाद अब खेतों में मेहनत की गूंज सुनाई दे रही है। पूरी तरह पक चुकी धान की फसल को सुरक्षित घर तक पहुंचाने के लिए किसान सुबह से शाम तक कटाई-मिंजाई में जुटे हैं। परंपरागत हसिया से लेकर आधुनिक हार्वेस्टर तक, हर तरीका अपनाया जा रहा है, लेकिन आसमान में छाए बादलों और रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बेमौसम बारिश की आशंका के चलते खेतों में मशीनों की रफ्तार तेज हो गई है, ताकि महीनों की मेहनत पर पानी न फिर जाए। खेतों में सुबह से शाम तक किसानों और मजदूरों की चहल-पहल बढ़ गई है। हालांकि इस बीच मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीते दो दिनों से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई है। अछल्दा विकासखंड के कई गांवों में सोमवार को रुक-रुक क...
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