लखीसराय, दिसम्बर 7 -- चानन, निज संवाददाता। धान की फसल कटने के बाद खाली हुई खेतों में गेहूं की बुवाई का काम किसानों द्वारा शुरू कर दिय गया है। रबी फसल की खेती को लेकर इस बार किसान हर्षित दिख रहे हैं। यह सब संभव हो पाया है जलवायु के अनुकूल कृषि कार्य से। यह एक तरह से किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है। इस बार पांच हजार से ज्यादा हेक्टेयर में धान की खेती किया गया था। धान की खेती खाली होते ही किसान गेहूं की बुवाई में जुट गए है। विभाग द्वारा पांच हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती का लक्ष्य रखा गया है। गेहूं की बुवाई के लिए नवंबर से दिसंबर का समय सबसे अच्छा माना जाता है। आधूनिक कृषि यंत्र हैप्पी सीडर की मदद से गेहूं की बुवाई करने पर 50 से 70 फीसदी खरपतबार कम उगते है। किसानों को कम लागत में अच्छा मुनाफा मिलता है। बीएओ कुमार योगेष ने कहा कि बुवाई से...
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