गिरडीह, फरवरी 13 -- धर्म वही है जो आत्मा और लोक का उद्धार करे: देवी हेमलता शास्त्री भागवत कथा उनके लिए है जो जीवन को बदलना चाहते हैं शिक्षा और संस्कार बढ़ता है तो समाज से अज्ञानता मिटती है जमुआ, प्रतिनिधि। शिक्षा और संस्कार के बिना मनुष्य का निर्माण नहीं हो सकता। उक्त बातें राष्ट्रीय कथावाचिका देवी हेमलता शास्त्री (मथुरा वृंदावन) ने जमुआ प्रखंड के हरला पंचायत अंतर्गत बसरिया धाम में श्री श्री 1008 नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ सह शिव प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में कही। उन्होंने कहा कि भागवत कथा उनके लिए है जो जीवन को बदलना चाहते हैं। कहा कि समाज में शिक्षा और संस्कार बढ़ता हैं तो समाज से अज्ञानता मिटती है। देवी हेमलता शास्त्री ने कहा कि धर्म का अर्थ पूजा-पाठ या व्रत-उपवास में लिप्त होना ही नहीं है, बल्कि आचरण में शुद्धि है। जो कर्म समाज में शांति...