अलीगढ़, दिसम्बर 4 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त जैन समाज को 2011 की जनगणना में आंकी गई संख्या बेहद कम दिख रही है। भारतवर्ष में हुई जनगणना में जैन समाज की जनसंख्या देशभर में महज 46 लाख बताई गई है, जबकि उनकी संख्या 3 करोड़ से भी अधिक है। जैन समाज इसे लेकर चिंतित है। श्री दिगंबर जैन महासमिति के प्रांतीय महामंत्री राजीव जैन ने सभी जैन परिवारों से अपील की है कि आगामी जनगणना में धर्म के कॉलम के आगे केवल जैन लिखें। लोग अपने जाति और उपजाति में भी केवल जैन का उल्लेख करें। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान में जैन धर्म को एक पृथक एवं स्वतन्त्र धर्म के रूप में मान्यता प्राप्त है। उन्होंने दावा किया है भारत में जैन समुदाय की आबादी 3 से 4 करोड़ के बीच में है। आगामी जनगणना में यह आंकड़ा सामने आएगा। उन्होंने जैन समाज की सभी रा...