सोनभद्र, फरवरी 3 -- सोनभद्र। राबर्ट्सगंज के उरमौरा स्थित गायत्री भवन परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को भागवत कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। अयोध्या धाम से आए कथा व्यास मनीष शरण जी महाराज ने बताया कि धर्म के चार चरण होते हैं। पवित्रता, दया, तप और कीर्तन, जिसमें पवित्रता, दया व तप तो अब समाप्त हो गए हैं। अब इस कलिकाल में केवल एक ही चरण बचा है जिसका नाम कीर्तन है। श्रीराम चरित् मानस से उदाहरण देते हुए कहा, कलिकर एक पुनीत प्रतापा, मानस पुण्य होहिं नहीं पापा। कलियुग केवल हरिगुण गाहा, गावत नर पावत भव थाहा। कलियुग में मन से किया हुआ पाप-पाप की श्रेणी में नही जायेगा, लेकिन कलियुग में मन से किया गया पुण्य पुण्य की श्रेणी में जायेगा। इस मौके पर मुख्य यजमान पवन मिश्र एडवोकेट, राजीव सिंह, विनोद शुक्ल, आनंद ओझा, ...
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