मुंगेर, जनवरी 6 -- असरगंज, निज संवाददाता। राज बनेली स्मृति पुरानी दुर्गा मंदिर, जलालाबाद के प्रागंण में चल रहे नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा के छठे दिन सोमवार को वृंदावन के कथा वाचक आचार्य शिवम मिश्र ने कार्तिकेय का जन्म, तारकासुर का वध एवं भगवान भोलेनाथ द्वारा त्रिपुरासुर का वध की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि देवताओं के कष्ट निवारण के लिए भगवान शिव के अंश से शिवपुत्र कार्तिकेय का जन्म हुआ। माता पार्वती की तपस्या और देवताओं की प्रार्थना से उत्पन्न कार्तिकेय ने बाल्यावस्था में ही अद्भुत पराक्रम दिखाया। तारकासुर, जिसने ब्रह्मा से वर पाकर देवताओं को आतंकित कर रखा था, उसका वध कर धर्म की पुनः स्थापना की। उन्होंने भगवान शंकर द्वारा त्रिपुरासुरों के वध की कथा सुनाते हुए बताया कि जब तीनों लोकों में अधर्म बढ़ा, तब महादेव ने त्रिपुसुर...