आरा, फरवरी 23 -- बड़हरा, संवाद सूत्र। प्रखंड के गजियापुर में चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में सोमवार को प्रवचन करते हुए लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि धर्म की रक्षा करने वालों की रक्षा धर्म करता है। कहीं भी जायें, वहां से दुर्गुण और अपयश लेकर नहीं लौटें। उत्पन्न परिस्थितियों में अपने विवेक से निर्णय लें, जिससे भविष्य कलंकित न हो पाए। प्रयास हो कि वहां अपने संस्कार, संस्कृति एवं परम्परा के अनुरूप कुछ विशिष्ट छाप छोड़कर आयें, ताकि तत्कालिक परिस्थितियों के इतिहास में आप का आंकलन विवेकशील एवं संस्कार संस्कृति संरक्षक के बतौर किया जा सके। उन्होंने भागवत कथा के प्रसंग में इन्द्रियों को स्वतंत्र छोड़ देने से पतन निश्चित समझें। एक बार अर्जुन इन्द्रलोक में गये थे। वहां उर्वशी नामक अप्सरा का नृत्य हो रहा था। नृत्य के पश्चात अ...