बस्ती, दिसम्बर 29 -- बस्ती, निज संवाददाता। गांधीनगर स्थित गौरीदत्त धर्मशाले में साईंकृपा संस्थान की ओर से आयोजित तीन दिवसीय संगीतमयी साईंकथा के आखिरी दिन उमाशंकर महराज ने कहा कि धर्म की बुनियाद मानवता पर टिकी है। जिसके भीतर मानवता नहीं है वह कभी धार्मिक नहीं हो सकता। धर्म को मजबूत करने के लिए मानवता की राह पर चलना होगा। अन्यथा की स्थिति में पूरा समाज भ्रष्ट हो जाएगा। सभी प्रकार के रिश्ते अपनी अहमियत खो देंगे। उमाशंकर ने कहा साईंनाथ महराज अपने किसी भी भक्त की आखों में आंसू नहीं देख पाते। वह सरल भाव से भक्त की भावनाएं समझते हैं और उसके चेहरे पर मुसकान लाने के लिए अपनी दिव्य शक्तियों का प्रयोग करते हैं। देर रात तक सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरूष कथा का रसपान करते रहे। आखिरी दिन विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। संतकुमार नंदन ने सभी के प्रति आभार ...